हैलो फ्रेंड्स आप सभी को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं। आज हम इस ब्लॉग के माध्यम से कक्षा 6वीं के विद्यार्थियों के लिए सुंदर -सा निबंध बताने जा रहा हूं। यह निबंध परीक्षा में हर बार आता है इसलिए बहुत महत्वपूर्ण भी है। आप इसे अवश्य याद कर लीजिए तो चलिए शुरू करते है -
दीपावली जिसे दीपों का त्योहार भी कहा जाता है । दीपावली हर वर्ष शरद ऋतु के कार्तिक महीने के अमावस्या के दिन मनाया जाता है । दीपावली भारत का प्रमुख तैयार है यह हिंदुओ का सबसे पवित्र त्योहार माना जाता है। दीपावली को दीवाली के नाम से भी जाना जाता है। यह पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
भारत एक त्योहारों तथा मेलों का देश है हमारे देश में सभी त्योहार धूम धाम से मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है की राम 14 साल के वनवास के बाद राम, सीता तथा लक्षण के अयोध्या वापसी पर जश्न मनाते है। तभी से यह पर हर वर्ष धूम धाम से मनाते आ रहे है। दीवाली के पूर्व सभी लोग अपने घरों की अच्छे से साफ - सफाई करते है अपने घरों को अच्छे से सजाते है।
इस दिन जलाकर अमावस्या के घोर अन्धकार में दीपों की माला बड़ी सलोनी लगती है । संध्या होते ही दीप जला दिए जाते हैं । जहाँ बिजली की सुविधा प्राप्त है वहाँ भी बल्ब के साथ - साथ लोग दीप अवश्य जलते हैं।
दीपावली रात्रि में लक्ष्मीजी की पूजा होती है । यह पूजा सेठ, व्यापारी लोग खूब धूमधाम से करते हैं । पूजा के बाद मिठाइयां बंटती हैं । पटाखे फुटते हैं । रंग - बिरंगे फुलझड़िया जलाई जाती हैं । बच्चों को आतिशबाजी में बड़ा मजा आता है ।
दीपावली में सब तरफ आननद ही आनन्द रहता है, किंतु कभी - कभी दू:खद घटनाएं भी घट जाती हैं । पटाखे छुड़ाते वक्त बच्चे असावधानी के कारण अपने हाथ - पाई जला देते हैं । कहीं - कहीं आग भी लग जाती है । पटाखे फोड़ते में लाखों रूपये व्यर्थ जलाकर राख हो जाते हैं । लोग जुआ भी खेलते हैं । इस खेल में लोग लाखों रूपये गंवा बैठते हैं ।
वैसे दीपावली त्यौहारों की रानी है । यह लक्ष्मी माता का दिन है । यह त्योहार दरिद्रता के घोर अन्धकार को दूर करने आता है । हम सब एक - दूसरे को ' शुभ दीपावली' कहकर बधाई देते हैं ।
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