Tmv in hindi

 विषाणु : विषाणुओं को पृथ्वी पर उत्त्पन्न होने वाला प्रथम जीव सदृष्य रचना माना जाता है, क्योंकि ये पृथ्वी पर प्रकट होने वाली ऐसी प्रथम इकाइयां हैं जिनमे सर्वप्रथम जीवन के लक्षण पाए जाते है । विषाणुओं को सजीव तथा निर्जीव के बीच की कड़ी मानते है । यह सजीव तथा निर्जीव दिनों की तरह व्यवहार करते है।  उसी में से एक टीएमवी वायरस के बारे में जानेंगे।  

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टीएमवी वायरस : इसका पूरा नाम टोबैको मोजैक वायरस है यह एक प्रकार का वायरस है । यह वायरस पौधे में पाया जाता है इसके प्रभाव से पत्तियां सिकुड़ जाती है। जिससे प्रकार प्रकाश संश्लेषण अच्छे से नहीं हो पाता है और पौधा धीरे धीरे मरने लगता है । इसका अध्ययन विदेशी वैज्ञानिक फ्रैंकलिन तथा उसके सहयोगियों ने 1957 में किया था और इन्होंने इसके बारे में बहुत सारी बातें बताई जो निम्नलिखित है -  

1.  यह सीधा रॉड के आकार का विषाणु होता है।  इसका कैप्सिड लगभग 2130 उप इकाइयों का बना होता है तथा प्रत्येक उप इकाई 158 अमीनो अम्ल की बनी होती है ।  

2. सभी कैप्सोमियर रस्सीनुमा वलयन में व्यवस्थित रहते हैं और प्रत्येक टीएमवी में सभी कैप्सोमर्स 129 वलय में व्यवस्थित रहते हैं । 

3. इसका न्यूक्लीक अम्ल आरएनए प्रकार का पाया जाता है जो की एकलसूत्री अणु के रूप में 4800 न्यूक्लीयोटाइट्स का बना होता है।  

4. प्रत्येक प्रोटीन उप इकाई का आण्विक भर 17,500 होता है।   

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5. आरएनए सूत्र भी हेलिक्स के रूप में ही होते हैं तथा कैप्सोमर्स के अंतिम छोर से 20 angstrom की दूरी पर लगा रहता है । 

6. प्रत्येक टीएमवी वायरस के आरएनए के हेलीक्स का केंद्रीय वलय व्यास 80 angstrom होता है।  

7. प्रत्येक टीएमव विषाणु मे 94.4% प्रोटीन तथा 5.6% आरएनए पाया जाता है।  

8. प्रत्येक टीएमवी का आण्विक भर 39-40 मिलियन तथा आमाप 300×150nm होता है । 

ये पूरा लक्षण टीएमवी यानी टोबैको मोजैक वायरस में पाया जाता है । आप इन्हें अच्छे से पढ़ कर याद कर लें यह हर साल बोर्ड तथा कॉलेज में आता है।  आशा करता हूं आपको अच्छे से समझ आया होगा । फिर भी यदि कोई प्रश्र है तो हम कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है।                     धन्यवाद!

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