Difference Between Plants And Animals In Hindi: हैलो दोस्तों आज हम पादप कोशिका और जंतु कोशिका बीच के अंतर समझेंगे। यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण टॉपिक है यह 11वीं, 12वीं, बीएससी और प्रतियोगी परीक्षा में भी पूछा जाता है ।
उससे पहले चलिए कोशिका के बारे में जान लेते है तो यह हमारे शरीर की सबसे छोटी इकाई होता है । इनकी खोज रॉबर्ट हुक ने किया था । यह इतना छोटा होता है की इन्हें देखने के लिए माइक्रोस्कोप का सहारा लेना पड़ता है अर्थात् इन्हे नग्न आखों से नहीं देख सकते है। इसके अंदर कई छोटी छोटी पदार्थ पाई जाती है जैसे माइटोकांड्रिया , गोल्जीकाय, लिसोसोम, प्रोटोप्लाज्म आदि।
ये कोशिकाएं पादप तथा जंतुओं में पाए जाते है । इन दोनों के बीच थोड़ी अंतर होती है ।
पादप कोशिका तथा जंतु कोशिका में अंतर
पादप कोशिका
1. कोशिका भित्ति : पादप कोशिका में प्लाज्मा के बाहर सेल्यूलोज की बनी कोशिका भित्ति पाई जाती है।
2. रिक्तिका : परिपक्व पादप कोशिका में एक रिक्तिका पाई जाती है जो पादप कोशिका में 90% भाग में फैली रहती है ।
3. कवक : इनमें कवक पाया जाता है ।
4. केंद्रक की स्थिति : केंद्रक कोशिका परिधिय क्षेत्र में होता है ।
5. माइटोकांड्रिया : संख्या में कम होती है ।
6. क्रिस्टल की उपस्थिति : इनमें पाया जाता है।
7. कार्बोहाइड्रेड की संचय : कार्बोहाइड्रेड स्टार्च के रूप में संगृहीत होते है ।
8. कोशिकीय पूर्णशक्तता : सभी जीवित पादप कोशिकाओं में नए पादप में परिणत होने की क्षमता होती है।
9. सेंट्रोसोम की उपस्थिति : इनमें नहीं पाया जाता है ।
10. कोशिका आकृति की प्रकृति : कोशिका भित्ति की उपस्थिति के कारण इसकी आकृति अपरिवर्तनीय होती है ।
जंतु कोशिका
1. कोशिका भित्ति : इसमें पादप कोशिका की तरह कोशिका भित्ति का अभाव होता है ।
2. रिक्तिका : इसमें अनेक छोटी - छोटी रिक्तिकाएँ पाई जाती है ।
3. कवक : कवक अनुपस्थित होते है ।
4. केंद्रक की स्थिति : इनमें केन्द्र मध्य में स्थित होता है।
5. माइटोकांड्रिया : माइटोकांड्रिया संख्या में अधिक होती है ।
6. क्रिस्टल की उपस्थिति : इनमें नहीं पाया जाता है।
7. कार्बोहाइड्रेट की संचय : इनमें कार्बोहाइड्रेट ग्लाइकोजेन के रूप में संगृहीत होता है ।
8. कोशिकीय पूर्णशक्तता : कुछ ही कोशिकाओं जैसे - जयगोट तथा स्टेम कोशिका में ही पूर्णशक्तता की क्षमता होती है ।
9. सेंट्रोसोसोम की उपस्थिति : इनमें पाया जाता है।
10. कोशिकीय आकृति की प्रकृति : जंतु कोशिका अपने आकृति में परिवर्तन प्रदर्शित करते हैं क्योंकि इनमें दृढ़ कोशिका भित्ति का अभाव होता है।
ये उपर्युक्त अंतर पादप तथा जंतु कोशिका में होता है । आशा करता हूं आपको अच्छे से समझ में आया होगा । आप हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्क्राइब कर सकते है Deva gk
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