हेलो दोस्तों आज हम प्रिऑन्स के बारे में जानेंगे कि ये क्या होते है? इनकी विशेषताएं क्या है? ये सभी जानकारी हम आपको देंगे तो इस आर्टिकल को आप अंत तक जरूर पढ़े।
प्रिओंस
परिभाषा : इसकी खोज अमेरिकी वैज्ञानिक स्टेनले बी. प्रूसिनर एवं उनकी साथियों ने सन् 1980 में इसका अध्ययन किया था । ये प्रोटीन की बनी होती है। इसमें न्यूक्लिक एसिड नहीं पाया जाता है । ये मानव तथा जंतुओं में रोग उत्पन्न करते है। ये अन्य रोगकारको से सर्वथा भिन्न होते है । ये सामान्य रूप से प्रोटीन ही होते है ।
विशेषता :
1. प्रिओनस असामान्य फोल्डिंग वाले प्रोटीन अणु होते हैं ।
2. ये मनुष्य तथा जंतुओं में रोग उत्पन्न करते है ।
3. इनमें आनुवंशिक प्रदार्थ का अभाव होता है अर्थात् इनमें आनुवंशिक पदार्थ नहीं पाया जाता है।
4. इनकी उत्पत्ति अज्ञात जीन्स में होने वाला वंशानुगत उत्परिवर्तन के कारण होती है ।
5. इनमें अल्ट्रावॉयलेट किरणों से उपचार का कोई प्रभाव नहीं होता है ।
6. ये भौतिक और रासायनिक कारकों से प्रभावित नहीं होते हैं ।
Prions द्वारा रोग उत्पन्न होने के कारण
वैज्ञानिक के अनुसार, संक्रमित कोशिकाओं ने प्रिंओनस द्वारा असामान्य आण्विक समुच्चय का निर्माण करते हैं । इन समुच्चय को एमीलॉइड्स कहते हैं। ये धीरे - धीरे संक्रमित कोशिकाओं में एकत्रित होते हैं । इसके फलस्वरूप कोशिकाओं की मृत्यु हो जाती है । इन्ही के कारण मनुष्य में अल्जाइमर्स एवं पर्किंसन रोग होते हैं । इनमें सभी रोग न्यूरोजेनरेटिव प्रकृति के होते हैं ।
उदाहरण
1. पशुओं में होने वाले रोग -
(I) स्क्रैपी - मनुष्य में ।
2. मनुष्य में होने वाला रोग -
(I) कुरु रोग - गाय, भैंस।
मैंने यहां पर बहुत ही अच्छे से समझाया है । आशा करता हु आपको अच्छे से समझ आया होगा इसे अपने दोस्तों को भी शेयर अवश्य शेयर कीजिएगा ।
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