छत्तीसगढ़ बोर्ड त्रैमासिक परीक्षा 2022-23
कक्षा 12वीं
विषय - हिंदी
समय 3 घंटे पूर्णाक 80
निर्देश -
1. सभी प्रश्नों को हल करना अनिवार्य है।
2. प्रत्येक प्रश्न के सामने निर्धारित अंक दिया गया है।
प्रश्न 1. निम्नलिखित शब्दों के तत्सम शब्द लिखिए।
1. चौपाया
2. कंगन।
उत्तर: 1. चौपाया: चतुष्पद का तद्भव रूप चौपया हैं।
2. कंगन: कंगन शब्द का तत्सम रूप कंकण है।
प्रश्न 2. दिए गए शब्दों के समास विग्रह करते हुए उनके प्रकार बताइए -
1. पाप पुण्य
2. यथाशक्ति।
उत्तर: 1. पाप पुण्य: पाप और पुण्य ' द्वंद समास ' है।
2. यथाशक्ति: शक्ति के अनुसार 'अव्ययीभाव समास ' है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित के दो दो पर्यायवाची शब्द लिखिए - 1. राजा
2. पृथ्वी।
उत्तर: 1. राजा: महीप, महाराजा।
2. पृथ्वी: जमीन,धरती।
प्रश्न 4. दिए गए मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
1. आग बबूला होना
2. टेढ़ी खीर होना।
उत्तर: 1. राधा जरा - सी बात पर आग बबूला हो गई।
2. आईएएस की परीक्षा में प्रथम आना टेढ़ी खीर के समान है।
छत्तीसगढ़ बोर्ड त्रैमासिक परीक्षा 2022 कक्षा 12वीं जीव विज्ञान
प्रश्न 5. दिए गए वाक्यों के लिए शब्द समूह के लिए एक शब्द लिखिए -
1. जो योगों से हो रहा है
2. पैर से सिर तक।
उत्तर: 1. ऐतिहासिक
2. आपादमस्तक।
प्रश्न 6. देशज शब्द किस कहते है?
उत्तर: वे शब्द जिनकी उत्पति के मूल का पता न हो परंतु वे प्रचलन में हों ऐसे शब्द देशज शब्द कहलाते हैं।
प्रश्न 7. प्र तथा अनु उपसर्गों से दो दो शब्द बनाइए।
उत्तर: प्र से प्रगति, प्रबल तथा अनु से अनुगामी, अनुकाल।
प्रश्न 8. भारतेंदु युग की तीन विशेषताएं लिखिए।
उत्तर: 1. राष्ट्रीयता की भावना - भारतेंदु युग के कवियों ने देश प्रेम की रचनाओं के माध्यम से जनमानस में राष्ट्रीय भावना का बीजारोपण किया है।
2. अंग्रेजी शिक्षा का विरोध - भारतेंदु युगीन कवियों ने अंग्रेजी भाषा तथा अंग्रेजी शिक्षा के प्रचार - प्रसार के प्रति अपना विरोध कविताओं में प्रकट किया है।
3. प्राकृतिक वर्णन - इस युग के अधिकांश कवियों ने अपने काव्य में प्रकृति को विषय के रूप में ग्रहण किया है।
प्रश्न 9. वैज्ञानिक तथा औधोगिक विकास के कुप्रभाव से बचने के लिए किन दो बातों का ध्यान रखना चाहिए।
उत्तर: 1. उत्पादन में वृद्धि से निर्यात में वृद्धि। स्वतंत्र कारीगर कारखानों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सके, फलतः कुटीर उद्योग समाप्त हो गए।
2. बड़े बड़े कृषि फर्मों की स्थापना के करना छोटे किसानों को रोजगार की तलाश में गांव से शहरों की और जाना पड़ा। औद्योगिक केंद्रों के आस - पास नवीन नगरों का विकास हुआ।
प्रश्न 10. अरविंद गोली का शिकार क्यों हुआ ?
उत्तर:
प्रश्न 11. मधु और बसंत की जीवन शैली में क्या अंतर हैं?
उत्तर: मधु और बसंत दोनों पति - पत्नी है। मधु ने बसंत के साथ प्रेम - विवाह किया है। मधु बसंत को तथा बसंत मधु को खूब चाहते है किंतु दोनों के बीच विवाद होता रहता है। मधु स्वयं को बदलने का निश्चय भी करती है किंतु ऐसा कर नहीं पाती।
मधु एक ऐसे वातावरण से आई है, जहां सफाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। इस कारण मधु के संस्कार ऐसे हैं की वह साफ - सुथरे रहने पर जोर देती है। उसे उनके संबंध प्रभावित होने लगते है। बसंत की आदत है की वह कोई भी तौलिया लेता है। मधु ने घर में अपने मदन तथा बसंत के अलग - अलग तौलिया ले रखे हैं। इतना ही नहीं हाथ पोछनें, हजामत बनाने आदि अलग - अलग कामों के तौलिए भी अलग - अलग है। वह चाहती है की बसंत अपना तौलिया तथा किसी काम के लिए निश्चित तौलिया ही प्रयोग करें इसके विपरित बसंत जो हाथ में आ जाता है उसी तौलिए को लेकर इस्तेमाल करने लगता है।
मधु चाहती हैं कि बसंत सुबह शाम बनियान बदले और पर धोकर रजाई में घुसे तथा बिस्तर में कुछ भी खाए पिए नहीं। बसंत बताता है कि वह छः भाई थे और वो सभी एक ही तौलिया इस्तेमाल किया करते थे। Us समय कभी भी किसी को कोई बीमारी नहीं हुई। वह अपने दोस्तों के साथ बिस्तर पर पैरों पर लिहाफ डालकर चाय पीते हुए बात करते थे। जिससे उसका आनंद ही कुछ और था। पैर धोकर रजाई में जाने पर तो रजाई का आनंद ही नहीं रहता।
वैसे तो कुछ बातें बसंत ने अपना लिया था पर जब भी वह तौलिया का उपयोग करने में चूक जाता था जिसके कारण उन दोनो पति - पत्नी के बीच में विवाद हो जाता था।
CG board class 12th biology question paper 2022-23
प्रश्न 12. कर्मठ देश क्यों नहीं मरता ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: राष्ट्र के सब घटकों में भिन्न - भिन्न विचारों और विभिन्न आस्थाओं के होते हुए भी आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे का बना रहना। राष्ट्रीय एकता में केवल शरारिक समीपता ही महत्वपूर्ण नहीं होता है बल्कि उसमें मानसिक, बौद्धिक, वैचारिक और भावात्मक निकटता की समानता आवश्यक है जिसके कारण कर्मठ देश नहीं मरता हैं।
प्रश्न 13. भक्तिकालीन कवियों में मीरा का स्थान निरूपित कीजिए।
उत्तर: कृष्ण की भक्ति साहित्य का भक्तिकाल में एक विशिष्ट स्थान है। मीरा कृष्ण भक्त रचनाकार कवि थी । वह सांसारिक बंधनों से निराश होकर श्री कृष्ण की शरण ली और प्रेम तथा भक्ति के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बनाया। उनकी कविताओं में स्त्री पराधीनता के प्रति एक गहरी तीस दिखाई देती है।
प्रश्न 14. कर्तव्य पालन और सत्ता में बड़ा घनिष्ट सम्बन्ध है इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: कर्तव्य पालन और सत्ता में बाद घनिष्ट सम्बन्ध है जिसका वर्णन करते हुए डॉक्टर श्यामसुंदर दास जी कहते हैं - जो मनुष्य अपने कर्तव्य का पालन करता है, वह अपने कामों और वचनों में सत्यता का बर्ताव भी रखता है। वह ठीक समय पर उचित रीति से अच्छे कामोंको करता है।
प्रश्न 15. उपहार का आवरण हटाते ही ममता क्यों चौक उठी थी?
उत्तर: ममता ने पूछा - "यह क्या है पिताजी?"
उसके पिता जी ने उत्तर देते हुए भी उन्होंने कहा "तेरे लिए बेटी! उपहार है।" कहकर चूड़ामणि ने उसका आवरण उलट दिया। स्वर्ण का पीलापन उस सुनहली संध्या में विकिर्ण होने लगा। इस प्रकार ममता चौक उठी।
प्रश्न 16. निम्नलिखित पधांशो में से किसी एक संदर्भ व्याख्या कीजिए
घायल अपना ताजमहल है घायल गंगा मैया टूट रहे है तूफानों में नया और खेवैया तुम नया के पाल बदल दो तूफानों की चाल बदल दो। हर आंधी का उत्तर हो तुमने नहीं बिचारा। जीना है तो मरना सीखो गूंज उठे यह नारा।
अथवा
पयोजी मैंने राम रातनधन पायो। वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु कृपा कर अपनायो। जनम जनम की पूंजी पाई जग में सभी खोवायो । खरचो नाहि कोई चोर ना लेवे दिन दिन बड़त सबायों ।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर हरख हरख जस गायों।
उत्तर:
प्रश्न 17. निम्नलिखित गद्यांश में से किसी एक का संदर्भ व्याख्या कीजिए।
धर्म पालन करने के मार्ग में सबसे अधिक बाधा चित्र की चंचलता उद्देश्य की अस्थिरता और मन ही निर्मलता से पड़ती है। मनुष्य के कर्तव्य मार्ग में एक निर्मलता से पढ़ती है। मनुष्य के कर्तव्य में एक और से आत्म के भले और बुरे कर्मो का ज्ञान और दूसरी और आलस और स्वार्थ परता रहता है।
अथवा
ईर्ष्या का काम जलाना है मगर सबसे पहले हुए उसी को जलाती है जिससे हृदय में उसका जन्म होता है। आप भी ऐसे बहुत से लोगों को जानते हो न तो ईर्ष्या और द्वेष्य की साकार मूर्ति है जो बराबर इस फिक्र में लगे रहते हैं कि कहां सुनने वाला मिले और आपने दिल का गुबार निकलने का मौका मिले।
प्रश्न 18. ईर्ष्यालु व्यक्ति अपने उद्देश्य में सफल क्यों नहीं होते है समझाइए।
उत्तर: ईर्ष्या का अर्थ ही होता है जलाना और ईर्ष्यालु का मतलब होता है जलने वाला व्यक्ति। जिसमे व्यक्ति को ईर्ष्या होने लगती है ऐसे व्यक्ति दूसरे की बढ़ाई नहीं देख पाते है और एक दूसरे से जलने लगते है।
प्रश्न 19. आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का व्यक्तित्व कैसा था?
उत्तर: आचार्य शुल्क जी हिंदी के उच्चकोटि के आलोचक, इतीहासकर और साहित्य चिंतक हैं। विज्ञान, दर्शन, इतिहास, भाषा विज्ञान, साहित्य और समाज के विभिन्न पक्षों से संबंधित लेखों, पुस्तकों के मौलिक लेखन, संपादन और अनुवादों के बीच से उनका जो ज्ञान संपन्न व्यापक व्यक्तित्व उभरा है, वह बेजोड़ है।
प्रश्न 20. आचार्य रामचंद्र शुक्ल अथवा बालकवि बैरागी का साहित्यिक परिचय निम्न बिंदुओं के आधार पर दीजिए ।
1. रचनाएं
2. भाषा शैली/ भाव पक्ष एवं कला पक्ष
3. साहित्य में स्थान।
उत्तर: 1. और, तुलसी , जायसी पर की गई आलोचनाएं , काव्य में रहस्यवाद, काव्य में अभिव्यनावाद , आदि इनकी प्रमुख रचनाएं हैं।
2. शुल्क जी के गध - साहित्य की भाषा खड़ी बोली है।
3.आचार्य शुल्क बहुमुखी प्रतिमा के साहित्यकार थे। जिस क्षेत्र में भी कार्य किया उसपर उन्होंने अपनी अमित छाप दी। आलोचना और निबंध के क्षेत्र में उनकी प्रतिष्ठा युगप्रवर्तक की है।
21. अपने मोहल्ले में चोरी की बढ़ती हुई घटनाओं की रोकथाम के लिए थाना अध्यक्ष को आवेदन लिखिए।
उत्तर: सेवा में,
थाना अध्यक्ष, रायपुर छत्तीसगढ़
दिनांक 17 सितंबर 2022
विषय: चोरी की रोक थाम के लिए आवेदन पत्र।
सविनय नम्र निवेदन यह है की हमारे गोपाल कृष्ण मोहल्ले में लगातार कुछ दिनों से चोरिया हो रही है किसी का साइकिल, टीवी आदि ऐसे कई वस्तुएं चोरी हो रही है जिससे हमारा बहुत नुकसान हो रहा है।
अतः आप से निवेदन है की आप इस विषय में चर्चा कर इसका हल निकाले जिससे हमारे मोहल्ले में चोरी ना हो सकें।
भवदीय
मोनू
रायपुर छत्तीगढ़
प्रश्न 22. निम्नलिखित में से किसी एक विषय में निबंध लिखें
1. पुस्तक वाचक का महत्व
2. समय का महत्व
3. राष्ट्र निर्माण में नवयुवकों का योगदान
4. पर्यावरण प्रदूषण समस्या एवं निदान ।
1. पुस्तक वाचक का महत्व:
विधा और ज्ञान उसकी को प्राप्त होता है जो निरंतर अध्यनन करता रहता है। जो व्यक्ति पढ़ता है वही अध्ययन के आनंद को जनता है। पुस्तकों से की गई मित्रता अमर है। पुस्तके हजारों वर्षों तक मनुष्य का मार्ग निर्देशन करती है। संसार के सभी महापुरहों की सफलता का मूलमंत्र अध्ययन है। गांधी जी लोकमान्य तिलक और वीर सावरकर जेल में रहकर भी उत्तम साहित्य इसी कारण लिख सके, क्योंकि वे अध्ययन को आनंद का विषय मानते थे।
पुस्तक एक ऐसी वस्तु है जिसमे ज्ञान का भंडार भरा रहता है। पुस्तक से पढ़कर हर व्यक्ति का जीवन बदल जाता है पुस्तक की वजह से ही आज यह दुनिया बदली है। यदि पुस्तक नहीं होता तो लोग कैसे पढ़ते कैसे देश दुनिया विकसित होता। आज जो कुछ भी है वह पुस्तक के वजह से ही है।
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