राइबोसोम की संरचना एवं कार्य

हेलो दोस्तों आज हम रोबोसोम के बारे में जानेंगे ये क्या होते है ? इनके कार्य क्या है वगैरा - वगैरा । तो सबसे पहले जैसा की आप सभी जानते है यह कोशिका के अंदर पाया जाता है । यह अति सूक्ष्म होता है और कोशिका के द्रव्य में पाया जाता है । 

राइबोसोम : कोशिका के कोशिकाद्रव्य में पाया जाने सघन, गोल तथा दानेदार कण होते है जो की यह न्यूक्लीयो प्रोटीन के बने होते हैं ।  ये कोशिका द्रव्य में स्वतंत्र रूप से रहते है । ये सभी कोशिकाओं चाहे यूकैरियोटिक हो प्रोकैरियोटिक सभी में यह पाए जाते है। 

राइबोसोम की खोज सबसे पहले पैलेड ने किया था।  

राइबोसोम के प्रकार 

राइबोसोम दो प्रकार के होते हैं - 

(i) 70s राइबोसोम 

(ii) 80s राइबोसोम ।  

(i) 70 राइबोसोम : ये आकर में छोटे होते हैं, इनका अवसाद गुणांक 70s होता है।  इनका अनुभर 2.7×10^6 डोल्टन होता है।   


(ii) 80s राइबोसोम : इसका अवसाद गुणांक 80s तथा अनुभार 40×60^6 डाल्टन होता है, ये आकार में बड़े होते हैं तथा यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाते हैं ।   

राइबोसोम के कार्य 

1. सभी राइबोसोम प्रोटीन का संश्लेषण करते है अर्थात् इसके बिना ये जीवित नहीं रह सकते है।   इसलिए इन्हें प्रोटीन फैक्ट्री भी कहा जाता है।  

2. यह संरक्षण का भी कार्य करता है क्योंकि यह एंजाइम न्यूक्लिएस के प्रभाव से उस समय एम आरएनए के रक्षा करता है जब राइबोसोम के दोनों उप इकाइयों के बीच यह प्रोटीन संश्लेषण हेतु उपस्थित रहता है।  

3. यह अमीनो अम्लों को जोड़ना का कार्य करता है। 

4. बड़े सब यूनिट 60s एंडोप्लासमिक रेटिकुलम ki झिल्लियों से जुड़े रहते हैं तथा छोटे सब यूनिट बड़े सब यूनिट के ऊपर जाने रहते हैं । 

5. एम आरएनए संदेशवाहक की तरह कार्य करता है। 

यहां पर मैने आप सभी राइबोसोम के बारे में अच्छे से बताया है। इनकी खोज के बारे में तथा कार्य के बारे में बहुत ही अच्छे से समझाया है आशा करता हु आपको समझ में आया होगा । यदि कोई प्रश्न हो तो आप कमेंट कर पूछ सकते है । 

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